Home Faith & Encouragement मृत्यु का भय या उद्धार का आश्वासन

मृत्यु का भय या उद्धार का आश्वासन

108
0

द्वारा पा. विक्रांत एस लोंढे | मई ०३, २०२१. 

मृत्यु!  यह एक ऐसी वास्तविकता है जिसका सामना कोई नहीं करना चाहता। ज्यादातर लोगों को मृत्यु का भय होता है। लोग अक्सर अपने प्रियजनों की मौत के बारे में सोच कर भयभीत हो जाते है। इस कोविड-19 के स्थिति में, हजारों लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से मर रहे हैं और हमें यह पता नहीं है कि मरने वाले अगला व्यक्ति कौन होगा? इस परिस्थिति के कारण घबराहट स्वाभाविक है। अधिकांश लोग अपने जीवन के बारे में चिंतित हैं कि उनके मृत्यु के बाद उनके परिवारों का क्या हालात होगा? 

क्या आप अपनी ज़िंदगी के बारे में चिंता कर रहे हैं? तो पवित्र बाइबल पर आधारित परमेश्वर का संदेश आपके लिए है। यीशु ने कहा, “तुम्हारामनव्याकुलनहो; परमेश्वरपरविश्वासरखोऔरमुझपरभीविश्वासरखो।मेरेपिताकेघरमेंबहुतसेरहनेकेस्थानहैं, यदिनहोतेतोमैंतुमसेकहदेता; क्योंकिमैंतुम्हारेलियेजगहतैयारकरनेजाताहूँ।औरयदिमैंजाकरतुम्हारेलियेजगहतैयारकरूँ, तोफिरआकरतुम्हेंअपनेयहाँलेजाऊँगाकिजहाँमैंरहूँवहाँतुमभीरहो।जहाँमैंजाताहूँतुमवहाँकामार्गजानतेहो।” (यूहन्ना 14:1)

मृत्यु हमारे जीवन का अंत नहीं है। यीशु हमें यह दिलासा देतें है कि हमारी शारीरिक मृत्यु के बाद भी हमारा एक आत्मिक जीवन है। यीशु स्वर्ग में हमारे लिए जगह तैयार करने गए है। यीशु हमें यह भी बताया है, “पुनरुत्थानऔरजीवनमैंहीहूँ; जोकोईमुझपरविश्वासकरताहैवहयदिमरभीजाएतौभीजीएगा, औरजोकोईजीवितहैऔरमुझपरविश्वासकरताहै, वहअनन्तकालतकनमरेगा।क्यातूइसबातपरविश्वासकरतीहै?” (यूहन्ना 11:25)

बाइबल ये ज्ञान देती है कि मनुष्य धूल और आत्मा से निर्मित है। जब हम मर जाते हैं तो हमारा भौतिक शरीर धूल में मिल जाता है और आत्मा परमेश्वर के पास लौट आती है जिसने हमें दिया है। “तबमिट्टीज्योंकीत्योंमिट्टीमेंमिलजाएगी, औरआत्मापरमेश्वरकेपासजिसनेउसेदियालौटजाएगी।” (सभोपदेशक 12:7)” 

इसलिए हमें मृत्यु से डरने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि जो लोग प्रभु में मरते हैं, वे धन्य हैं। “फिरमैंनेस्वर्गसेयहशब्दसुना, लिख: जोमृतकप्रभुमेंमरतेहैं, वेअबसेधन्यहैं।” आत्माकहताहै, “हाँ, क्योंकिवेअपनेसारेपरिश्रमसेविश्रामपाएँगे, औरउनकेकार्यउनकेसाथहोलेतेहैं। (प्रकाशितवाक्य 14:13)

यीशुहमेंयेसिखायाहैकिहमेंउनचीजोंसेडरनानहींचाहिएजोशरीरकोमारतीहैंऔरआत्माकोनहींमारसकतीहैं।  बल्किउससेडरनाचाहिएजोआत्माऔरशरीरदोनोंकोनरकमेंनष्टकरसकतेहैं। (मत्ती10:28)। यीशु मसीह के शिष्य होने के नाते, हमे मौत से डरना नहीं है। कोरोना हमारे भौतिक शरीर को मार सकता है लेकिन हमारी आत्माएं यीशु मसीह में सुरक्षित होते हैं। क्योंकि विश्‍वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है;…(इफिसियों 2:8) ।

पौलुस अपने पत्रों में कहता है, “क्योंकिमेरेलियेजीवितरहनामसीहहै ” (फिलिप्पियों 1:21a)” । मुझे पता नहीं कि मैं कितने दिन या साल जिऊंगा। चाहे कोरोना मुझे मारता है या नहीं? मैं मसीह के लिए जी रहा हूं और उसकी महिमा के लिए मरने को तैयार हूं। “…क्योंकिमरनामेरेलिएलाभहै।(फिलिप्पियों 1:21b)”   आमीन। 

मृत्यु अवश्यम्भावी है। मृत्यु अटल है। हमें आज या कल मरना ही है! तो भय में क्यों जीना? मेरा जीवन यीशु मसीह में सुरक्षित है। मैं मौत से नहीं डरूंगा।