Home Faith & Encouragement मृत्यु की मौत

मृत्यु की मौत

93
0

मृत्यु आती है, और उसके पीछे पीछे आता है शोक ।
गमगीन दुःख दिल को है तोड़ता,
जीवन हो जाती है उद्देश्यहीन
क्योंकी प्यार के आँसू होते हैं व्यय
छोड़कर लेकिन एक दर्दभरा शून्यता ।
हमारे प्रिय नहीं रहे ।
मौत जानती नहीं है कोई अंत, क्योंकि
यह है दूसरी निश्चितता ।
जैसे जीवन के साथ, वैसे ही है मृत्यु ।

फिर भी मृत्यु को होगा मरना
जीवन को जीने के लिए
मृत्यु की मौत से मृत्यु की मौत 
देखना होगा मृत्यु का वध

जैसे पहले आदम की हुई मृत्यु
तो दूसरा आदम भी
और उनकी मृत्यु के साथ किया पराजित मौत को
अब मौत खो चुकी है अपना डंक,
और कब्र उसकी जीत ।

मृत्यु है लेकिन जीवन का प्रवेशद्वार;
यह है प्रभात का अग्र-दूत
और दिन को करती है स्वागत ।
निर्वासित कर रात का अंधेरा,
उत्कृष्ट चमकता है प्रकाश
अनन्त आशा की किरणों के साथ ।
दु:ख चला गया दूर, शोक हुआ शांत
शून्यता भर गया, प्रेम बहाल।
स्वर्गीय आनंद करती है आत्मा को धारण
और मृत्यु अभी और नहीं है
क्योंकि जीवन और प्रेम परमेश्वर में निवास करते हैं।