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विश्वास में स्थिर रहें

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द्वारा – ज्वेलिन रेनी

हर कोई जानता है कि परमेश्वर महान आश्चर्य कार्य करते है लेकिन हम सब के पास सम्पूर्ण विश्वास की कमी है ।

परमेश्वर एक अच्छे वैद्य हैं । यहां तक ​​कि डॉक्टर भी हमें उनसे से बेहतर नहीं जानते। हमारे चारों ओर परमेश्वर की चंगाई के बहुत सारे आश्चर्य कार्य है लेकिन इसके बावजूद भी हम अपनी आँखें नहीं खोल रहे हैं।

मत्ती 17: 20, 21 कहता है“उसने उनसे कहा, “अपने विश्‍वास की घटी के कारण, क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूँ, यदि तुम्हारा विश्‍वास राई के दाने के बराबर भी हो, तो इस पहाड़ से कह सकोगे, ‘यहाँ से सरककर वहाँ चला जा’, तो वह चला जाएगा; और कोई बात तुम्हारे लिये असम्भव न होगी। [पर यह जाति बिना प्रार्थना और उपवास के नहीं निकलती।

हम में क्या विश्वास नहीं है? है ना! हमें उस राई के बीज की तरह विश्वास रखने की जरूरत है । हम बस यही प्रार्थना करते है, “हमें चंगा कर दे” पर विश्वास करते नहीं है।

 • “और देखो, एक स्त्री ने जिसको बारह वर्ष से लहू बहने का रोग था, पीछे से आकर उसके वस्त्र के आँचल को छू लिया। क्योंकि वह अपने मन में कहती थी, “यदि मैं उसके वस्त्र ही को छू लूँगी तो चंगी हो जाऊँगी।” यीशु ने फिरकर उसे देखा और कहा, “पुत्री ढाढ़स बाँध; तेरे विश्‍वास ने तुझे चंगा किया है। ”अत: वह स्त्री उसी घड़ी चंगी हो गई।” (मरकूस 5:25-34)

जब उस स्त्री ने यीशु के कपड़ों को छुआ, यीशु ने उस से कहा, “पुत्री, तेरे विश्‍वास ने तुझे चंगा किया है : कुशल से जा, और अपनी इस बीमारी से बची रह।” यहाँ पर हम यह देखते हैं की परमेश्वर पर विश्वास रखने से उसकी चँगाई हुई ।

• मूसा में लाल समुद्र को विभाजन करने का विश्वास था। परमेश्वर की कही वचन को कोई रोक नहीं सकता । मूसा को विश्वास था कि परमेश्वर जो कहता है वह ही होगा ।

•परमेश्वर पर विश्वास रखने के कारण एलिय्याह को इतने सारे चमत्कार करने कि सामर्थ्य मिला!

 •अय्यूब ने अपना सब कुछ खो दिया, उसकी पत्नी ने उससे परमेश्वर को छोड़ने की गलत सलाह दिया और कहा कि, परमेश्वर तुम्हारा मदद नहीं करेगा । लेकिन अय्यूब ने परमेश्वर पे अपना विश्वास स्थापीत किया।

 • दाऊद, गोलियत नामक एक विशाल बित्ता को सामना करने जा रहा था और बहुत से लोग उस पर हंस भी रहे थे । लेकिन उसे परमेश्वर के प्रति विश्वास रखने से कोई भी रोक नही सका था और परमेश्वर ने उस विशाल बित्ता को दाऊद (एक छोटा सा चरवाहा लड़का) की हाथों में दे दिया।

परमेश्वर के प्रत्येक बच्चे को यह विश्वास रखना ज़रूरी है कि परमेश्वर उनके विश्वास का अच्छा परिणाम देगा और उनके मन में कोई संदेह या भ्रम नहीं होगा।

क्या आपके पास इस तरह का विश्वास है?

विश्वास रखो, परमप्रधान परमेश्वर के बच्चे,  विश्वास रखो!